जमीन वापसी, उचित मुआवजा और एफआईआर वापस लेने की मांग; कलेक्टर के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ प्रदर्शन
रायपुर। राजधानी रायपुर के नकटी गांव में बुलडोजर कार्रवाई के बाद विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। शुक्रवार देर रात और शनिवार तक प्रभावित ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट से लेकर मुख्यमंत्री निवास तक प्रदर्शन किया। कलेक्टर से वार्ता और मांगों को शासन तक पहुंचाने के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ, लेकिन ग्रामीणों ने सरकार को पांच दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में अधिग्रहित जमीन वापस करना, तोड़े गए मकानों का उचित मुआवजा, सभी प्रभावित परिवारों का समुचित पुनर्वास तथा आंदोलन के दौरान दर्ज एफआईआर वापस लेना शामिल है। प्रदर्शन के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा और स्थिति पर प्रशासन लगातार नजर बनाए रहा।
गौरतलब है कि विधायक आवास परियोजना के लिए नकटी गांव में हाल ही में करीब 80 मकानों पर बुलडोजर कार्रवाई की गई थी। प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नियमानुसार की गई है और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया जारी है। वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें पर्याप्त पुनर्वास और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराए बिना बेघर कर दिया गया।
इस बीच नकटी विवाद के बाद नवा रायपुर के तूता गांव में भी कथित अतिक्रमण को लेकर नोटिस जारी होने से ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। इससे पूरे मामले ने अब प्रशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ राजनीतिक और सामाजिक बहस का रूप ले लिया है।
