रायपुर में आयोजित राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच की बौद्धिक परिचर्चा में माओवाद की पुनरावृत्ति रोकने, आदिवासी सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता पर दिया गया जोर।

रायपुर। राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच रायपुर चैप्टर द्वारा “माओवाद मुक्त छत्तीसगढ़ एवं वैचारिक घुसपैठ” विषय पर बौद्धिक परिचर्चा आयोजित की गई। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता इंद्रेश कुमार ने कहा कि छत्तीसगढ़ में माओवाद पर काफी हद तक नियंत्रण पाया गया है, लेकिन इसकी पुनरावृत्ति रोकने के लिए समाज और सरकार को मिलकर कार्य करना होगा।
उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं को स्वरोजगार, महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण तथा आदिवासी समाज को उनकी संस्कृति और विरासत से जोड़ना आवश्यक है। भारतीय ज्ञान परंपरा और सामाजिक जागरूकता के माध्यम से वैचारिक घुसपैठ और धर्मांतरण जैसी चुनौतियों का प्रभावी मुकाबला किया जा सकता है।
कार्यक्रम में शिक्षाविदों, पत्रकारों, वकीलों, व्यवसायियों, समाजसेवियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। रायपुर चैप्टर के अध्यक्ष तौकीर रजा ने स्वागत भाषण दिया, जबकि डॉ. भूपेंद्र कुमार साहू ने कार्यक्रम का संचालन किया। डॉ. वर्णिका शर्मा, मनू नाहर, रितेंद्र नायक और रेखा शर्मा भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
