रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन सदन में तीन महत्वपूर्ण विधेयकों को बहुमत से पारित किया गया। इनमें सबसे अहम छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक-2026 रहा। राज्य सरकार का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य उद्योगों और व्यापारिक संस्थानों के लिए अनुमतियों एवं लाइसेंस की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है, ताकि निवेशकों को बेहतर कारोबारी माहौल मिल सके।
सरकार के अनुसार नए कानून से उद्योगों को विभिन्न विभागों से मंजूरी लेने में होने वाली देरी कम होगी। इसके साथ ही सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) को राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि इससे राज्य में नए निवेश को बढ़ावा मिलेगा, उद्योगों की स्थापना आसान होगी और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
विधेयकों पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने कुछ प्रावधानों को लेकर अपनी आपत्तियां और सुझाव भी रखे। हालांकि सरकार ने कहा कि यह विधेयक राज्य के औद्योगिक विकास और निवेश को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। चर्चा पूरी होने के बाद सदन ने तीनों विधेयकों को बहुमत से पारित कर दिया।
सरकार का दावा है कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल लागू होने के बाद छत्तीसगढ़ में कारोबार शुरू करने और संचालित करने की प्रक्रिया अधिक सुगम होगी। इससे राज्य की औद्योगिक प्रतिस्पर्धा बढ़ने के साथ-साथ निवेशकों का विश्वास भी मजबूत होगा और आर्थिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
